Thursday, October 06, 2005

उसने कहा

उसने कहा मुझसे कितना प्यार है
मैंने कहा सितारों का कोई शुमार नहीं

उसने कहा कि कौन तुम्हें है बहुत अज़ीज़
मैंने कहा दिल पर जिसका इख़्तियार है

उसने कहा कौन सा तोहफ़ा तुम्हें मैं दूँ
मैंने कहा वही शाम जो अभी तक उधार है

उसने कहा सैकड़ों ग़म ज़िन्दगी में हैं
मैंने कहा ग़म नहीं जब साथ ग़मगुसार है

उसने कहा साथ कहाँ तक निभाओगे
मैंने कहा जितनी ये साँस की तार है

उसने कहा मुझको यक़ीन आए किस तरह
मैंने कहा नाम मेरा ऐतबार है .......!!!!

3 comments:

Raviratlami said...

ये स्पॅम मेल तो लोगबाग सब्सक्राइब कर पढ़ेंगे.

बधाई.

Kanishk | कनिष्क said...

ha ha ha...yeh kaafi achcha tha...yeh mat kahna ki tumne khud likha hai..

Punit Pandey said...

बहुत खूब श्रीमान ऐतबार

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