Saturday, October 29, 2005

बल्ले-बल्ले सरदार जी!

पास से गुज़रते एक आदमी ने दो सरदारों को बगीचे में कुछ काम करते हुए देखा। एक गड्ढा खोद रहा था और दूसरा उसे तुरन्त मिट्टी से फिर भर रहा था।

उस आदमी ने पूछा, 'आप लोग ये क्या कर रहे हैं?'

खुदाई करने वाला सरदार बोला, 'हाँलाकि आम तौर पर हम तीन लोग यहाँ पर काम करते हैं। मैं गड्ढा खोदता हूँ, बलवन्त पौधा लगाता है और गुरप्रीत गड्ढा भरता है।

आज बलवन्त बीमार है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मैं और गुरप्रीत भी काम न करें। हम कामचोर नहीं हैं।'

2 comments:

रजनीश मंगला said...

सही चुटकुला है। तुम तो उर्दू भी सही लिखते हो। मुझे बिल्कुल नहीं आती। कैसे सीखी?

Anonymous said...

kya bkwas chutkule hai

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