Saturday, November 05, 2005

अगर तलाश करूं

अगर तलाश करूं कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझे चाहेगा

तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा

न जाने कब तेरे दिल पर नयी सी दस्तक हो
मकान खाली हुआ है तो कोई आएगा

मैं अपनी राह में दीवार बन के बैठा हूँ
अगर वो आए तो किस रास्ते से आएगा

तुम्हारे साथ ये मौसम फरिश्तों जैसा है
तुम्हारे बाद ये मौसम बड़ा सताएगा.......!!!

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