Tuesday, October 10, 2006

Amul Cartoons

अमूल कार्टून


7 comments:

  1. अमूल का सामयिक विषयों पर विज्ञापन सालों से चला आ रहा है और हर बार बढ़िया चित्रण होता है. बोरियत ही महसूस नहीं होती.

    वैसे, मक्खन किसे अच्छा नहीं लगता?

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  2. :)
    वैसे अमूल के विज्ञापन कौन सी विज्ञापन कंपनी देखती है ?

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  3. वाह, मजा आ गया विज्ञापन देखकर.

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  4. बहुत खूब, प्रतीक भाई, बडा इन्तजार कराया

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  5. मजा आ गया!

    अमूल के विज्ञापन हमेशा से ही बड़े चटपटे रहे हैं। उनके सारे "हिट्स" इस लिन्क पर उपलब्ध हैं:-


    http://amul.com/hits.html

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  6. बहुत सुन्दर प्रतीक भाई

    अमूल के कुछ विज्ञापन मेने भी अपने चिट्ठे पर लगाये थे।
    sagarnahar.blogspot.com/2006/06/blog-post_17.html#links

    @मनीष भाई
    पंकज भाई की टिप्पणी जो उन्होने मेरे चिट्ठे पर दी थी यहाँ पेस्ट कर रहा हूँ, आपके प्रश्न के उत्तर के लिये।

    मैं कुछ और प्रकाश डालना चाहुँगा.

    अमुल के इन विज्ञापनों के रचयिता श्री सेल्वेस्टर दा कुन्हा हैं, जो दाकुन्हा कम्युकेशन के चेयरमेन हैं तथा 1966 से अमुल ब्रांड से जुडे हुए हैं. 73 वर्ष के श्री कुन्हा पिछले लगभग 40 वर्षों से अमुल के विज्ञापन बनाते आ रहे हैं.

    अमुल विज्ञापनों में नज़र आने वाला पात्र श्री ऑस्टेस फर्णांडिस ने बनाया था.

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  7. बहुत ही बढिया कार्टून हैं.....पहले राँची मे फिरायालाल चौक पर हम हर हफ्ते अमूल के नये कार्टून लगाने का इन्तजार करते थे. अमूल के कार्टून कई बार विवाद के घेरे में भी आ चुके हैं.

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