भुवनेश सही कह रहा है। ये तो वही बात हुई, पूरे शहर मे मुनादी हुई, "निर्वस्त्र हसीना को नदी किनारे नहाते हुए देखिए। लोग बाग, अपना कैमरा साफ सूफ करके सवेरे सवेरे नदी किनारे पहुँच गए। दो घन्टे के इन्तजार के बाद एनाउन्समेन्ट हुई, "आज ठन्ड बहुत है, इसलिए हसीना नही नहाएगी"
अमा, एड्वर्टाइजमेन्ट तो अच्छा था, लेकिन मजा नही आया। और हाँ अगर मेरे नाम से कोई फर्जी बन्दा टिप्पणी करेगा तो वो anonymous वाला id प्रयोग करेगा, क्योंकि ब्लॉगर का पासवर्ड उसे कहाँ पता होगा। इसलिए, ये टिप्पणी असली जीतू की है।
4 comments:
मजा नहीं आया गुरु सेलिना सबसे बदसूरत हीरोइन है
भुवनेश सही कह रहा है। ये तो वही बात हुई, पूरे शहर मे मुनादी हुई, "निर्वस्त्र हसीना को नदी किनारे नहाते हुए देखिए। लोग बाग, अपना कैमरा साफ सूफ करके सवेरे सवेरे नदी किनारे पहुँच गए। दो घन्टे के इन्तजार के बाद एनाउन्समेन्ट हुई, "आज ठन्ड बहुत है, इसलिए हसीना नही नहाएगी"
अमा, एड्वर्टाइजमेन्ट तो अच्छा था, लेकिन मजा नही आया। और हाँ अगर मेरे नाम से कोई फर्जी बन्दा टिप्पणी करेगा तो वो anonymous वाला id प्रयोग करेगा, क्योंकि ब्लॉगर का पासवर्ड उसे कहाँ पता होगा। इसलिए, ये टिप्पणी असली जीतू की है।
जीतू भाई, पैकेजिंग का जमाना है।
दिखने में कैसी है ये तो बहस का विषय हो सकता है पर अभिनय में एकदम जीरो है।
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